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उपाध्यक्ष डॉ. मदनलाल चौहान ने हाईकोर्ट में लगाई याचिका,भरत पोरवाल फिर बने उपाध्यक्ष
उज्जैन:जिला पंचायत उपाध्यक्ष मामले में बुधवार को वर्तमान उपाध्यक्ष डॉ.मदनलाल चौहान ने हाईकोर्ट में रिव्यू पीटिशन दायर कर दी। वहीं भरत पोरवाल ने जूलुस के रूप में जिपं पहुंचकर ज्वाईन कर लिया।
जिपं उपाध्यक्ष रहे पोरवाल १३ मार्च से दावा कर रहे है कि उन्हें हाईकोर्ट ने अपर आयुक्त के फैसले का निरस्त करते हुए पुन: उपाध्यक्ष बनाने के फैसला दिया है। संभागायुक्त अजीतकुमार ने भी कोर्ट के आदेश का पालन करने के लिए जिला पंचायत सीईओ नीलेश पारिख को पत्र लिखा था। दोनों आदेश में पोरवाल को पून: उपाध्यक्ष बनाए जाने के स्पष्ट आदेश नहीं है। बावजूद पोरवाल ने २७ मार्च को जिपं ज्वाईन करने की घोषणा कर दी थी। इसी दौरान वर्तमान उपाध्यक्ष डॉ. चौहान ने हाईकोर्ट में पूर्नविचार याचिका दायर कर दी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। आदेश दिया कि डॉ. चौहान का पक्ष सुनने के बाद आगें कार्यवाहीं करे।
सत्ता का दबाव, पांच मिनट में ज्वाईनिंग : पोरवाल सुबह करीब ११ बजे वे दुर्गाप्लाजा से जुलूस के रूप में रवाना हुआ। पुलिस ने स्वीमिंग पूल के पास जुलूस को रोक दिया। यहां से पोरवाल, वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनोहर बैरागी, अंनत नारायण मीणा व हेमंत चौहान के साथ पैदल जिपं पहुंचे। पांच मिनट में ही उपाध्यक्ष पर ज्वाईनिंग लेकर वह बाहर आ गए। इससे उनकी ज्वाइनिंग को लेकर राजनैतिक दबाव की चर्चा आम हो गई।
यह है मामला : दिसंबर २०१४ जिंप चुनाव के बाद जनवरी २०१५ में महेश परमार अध्यक्ष व पोरवाल उपाध्यक्ष बने। किसान समिति चुनाव में निवार्चन सामग्री फाड़ने के मामले में सितंबर २०१८अपर आयुक्त पीआर कतरोलिया ने पोरवाल का चुनाव शून्य घोषित किया था। इधर परमार के विधायक बनने पर अध्यक्ष पद भी रिक्त हो गया। जनवरी २०१९ में प्रशासन ने चुनाव करवाए, जिसमें करण कुमारिया अध्यक्ष्ज्ञ व डॉ. मदनलाल चौहान उपाध्यक्ष चुने गए। मार्च २०१९ शुरुआत में एचसी नेे अपर आयुक्त के आदेश निरस्त कर दिया। २२ मार्च संभागायुक्त ने जिपं सीईओ को हाईकोर्ट के आदेश का पालन करने का आदेश दिया। २३ मार्च जिपं उपाध्यक्ष डॉ. चौहान ने संभागायुक्त की निर्वाचन आयोग को शिकायत की।